सामग्री पर जाएँ
लक्ष्मी पूजा के लिए पीतल के दीये, गेंदे और कलश
इस पेज पर

लक्ष्मी पूजा 2026: कौन-सी, और कब?

दिवाली की रात वाली लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, और दिल्ली में मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक है। अगर आपका परिवार बंगाली, ओड़िया या असमिया है, तो आपकी लक्ष्मी पूजा शायद 25 अक्टूबर की कोजागरी है। दक्षिण का वरलक्ष्मी व्रतम् बिल्कुल अलग दिन है। नीचे की सूची सब साफ़ कर देगी।

festcountdown टीम ने दृक गणित पंचांग से जाँचा, आख़िरी बार 17 सितंबर 2026 को।

लक्ष्मी पूजा में बाकी
–
दिन
–
घंटे
–
मिनट
–
सेकंड
रविवार, 8 नवंबर 2026 · लक्ष्मी पूजा

आप किस लक्ष्मी पूजा की बात कर रहे हैं?

  1. 8 नवं 2026
    दिवाली की रात वाली लक्ष्मी पूजा, ज़्यादातर भारत
    मुख्य पूजा, कार्तिक अमावस्या पर, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में। कोई बस "लक्ष्मी पूजा" कहे, तो इसी की बात है।
  2. 25 अक्टू 2026
    कोजागरी लक्ष्मी पूजा, बंगाल, ओडिशा, असम
    आश्विन पूर्णिमा, दिवाली से दो हफ़्ते पहले, जिसे बाक़ी भारत शरद पूर्णिमा कहता है। रात भर जागरण होता है। कोलकाता में निशीथ काल 10:56–11:46 PM है।
  3. 25 अक्टू 2026
    गज लक्ष्मी पूजा, ओडिशा
    इसी पूर्णिमा से शुरू होती है, जिसे ओडिशा में कुमार पूर्णिमा कहते हैं। ढेंकानाल और केंद्रपाड़ा में पंडाल एक हफ़्ते से ज़्यादा लगे रहते हैं।
  4. 13 अग 2027
    वरलक्ष्मी व्रतम्, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना
    श्रावण का एक शुक्रवार, ज़्यादातर विवाहित महिलाओं का व्रत। दिवाली से इसका कोई लेना-देना नहीं, और दिन भर में चार स्थिर-लग्न मुहूर्त होते हैं।

लक्ष्मी पूजा की सर्च में सबसे आम गड़बड़ यही है। कोजागरी दिवाली से दो हफ़्ते पहले आती है। वरलक्ष्मी अगस्त में होता है, इसलिए अगला, 13 अगस्त 2027, इस दिवाली के नौ महीने बाद है। कोलकाता का दोस्त कहे कि लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर को है और दिल्ली का दोस्त 8 नवंबर बताए, तो दोनों अलग पूजा की बात कर रहे हैं। किसी भी तारीख़ पर योजना बनाने से पहले, हमारी भी, देख लीजिए कि आपके घर में कौन-सी पूजा होती है।

दिवाली वाली लक्ष्मी पूजा, दिल्ली समय

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

दिवाली की रात का पूजा समय, नई दिल्ली के लिए।
5:54–7:50 PM
रविवार, 8 नवंबर 2026 · कार्तिक अमावस्या
  • यही समय क्यों
    प्रदोष काल + स्थिर लग्न
    इसका मतलब: पूजा सूर्यास्त के ठीक बाद, वृषभ (स्थिर) लग्न में होती है। स्थिर राशि इसलिए चुनी जाती है ताकि लक्ष्मी घर में टिकें।
  • पूरा प्रदोष काल
    लगभग 5:31–8:09 PM
    इसका मतलब: सूर्यास्त के बाद का पूरा शाम वाला समय। छोटी अवधि न बन पाए, तो आमतौर पर इसी का बाक़ी हिस्सा लिया जाता है।
  • तिथि
    कार्तिक अमावस्या
    इसका मतलब: नया चाँद, 8 नवंबर सुबह 11:27 से 9 नवंबर दोपहर 12:31 तक। सिर्फ़ 8 की शाम इसके भीतर आती है।
लग्न वाली अवधि दिल्ली की है। नीचे के सूर्यास्त, प्रदोष काल और चौघड़िया आपके शहर के हिसाब से निकलते हैं।

मुहूर्त और चौघड़िया कैलकुलेटर

रविवार, 8 नवंबर 2026 · लक्ष्मी पूजा · शहर चुनते ही समय बदल जाएगा

सूर्योदय
6:38 AM
सूर्यास्त
5:32 PM
प्रदोष काल
5:32–8:09 PM

लक्ष्मी पूजा शाम की पूजा है, इसलिए सूर्यास्त देखिए। आपके शहर में प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होता है, और कोलकाता में सूरज अहमदाबाद से लगभग एक घंटा पहले डूबता है।

दिन का चौघड़िया

रात का चौघड़िया

सूर्योदय, सूर्यास्त, प्रदोष काल और चौघड़िया का समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से है। वृषभ काल जैसे लग्न मुहूर्त नई दिल्ली के समय से दिए गए हैं।

लक्ष्मी पूजा 2026 कब है?

दिवाली की रात वाली लक्ष्मी पूजा 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। तिथि कार्तिक अमावस्या है, 8 तारीख़ सुबह 11:27 से 9 तारीख़ दोपहर 12:31 तक। पूजा के लिए अमावस्या के भीतर एक शाम चाहिए। 8 को वह मिलती है। 9 की शाम तक अमावस्या बीत चुकी होती है।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा 2026: रविवार, 25 अक्टूबर

काउंटडाउन और पूरी गाइड: कोजागरी लक्ष्मी पूजा 2026.

कोजागरी लक्ष्मी पूजा रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को, आश्विन पूर्णिमा पर है। बाक़ी भारत इसी पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहता है। पूर्णिमा 25 को सुबह 11:55 से 26 को सुबह 9:41 तक है। चाँद कोलकाता में शाम लगभग 4:21 और दिल्ली में 5:00 बजे निकलता है।

यह दिवाली वाली पूजा जैसी नहीं दिखती, क्योंकि कोजागरी रात का जागरण है। निशीथ काल कोलकाता में रात 10:56 से 11:46 तक है (दिल्ली में 11:40 से 12:31), और परिवार तब तक जागता है। नाम ही वजह बताता है: को जागर्ति?, "कौन जाग रहा है?"। माना जाता है कि लक्ष्मी उस रात घूमती हैं और जो जागता मिले उसे आशीर्वाद देती हैं। कोलकाता में साढ़े दस बजे के आसपास चाय चढ़ा दीजिए।

ओडिशा में इसी पूर्णिमा को कुमार पूर्णिमा कहते हैं, और इसी दिन से गज लक्ष्मी पूजा शुरू होती है। ढेंकानाल और केंद्रपाड़ा इसके लिए जाने जाते हैं, जहाँ पंडाल एक हफ़्ते से ज़्यादा लगे रहते हैं।

पूजा कैसे की जाती है

हर घर में थोड़ा फ़र्क़ होता है, पर क्रम ज़्यादातर वही रहता है। पहले घर की पूरी सफ़ाई होती है। परिवार इसे पूजा का ही हिस्सा मानते हैं, क्योंकि मान्यता है कि लक्ष्मी गंदे घर में नहीं आतीं। फिर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी और गणेश रखे जाते हैं, गणेश परंपरा से उनके बाईं ओर।

पास में कलश रखा जाता है, यानी जल भरा धातु का लोटा, ऊपर आम के पत्ते और नारियल। दीये चौकी पर, दरवाज़े पर और देहरी पर जलते हैं। भोग में आमतौर पर बताशे, खील, नारियल और मौसमी फल होते हैं। कई घर बहीखाते, नक़दी या गहने भी आशीर्वाद के लिए रखते हैं। व्यापारी परिवारों का नया लेखा वर्ष इसी रात खुलता है।

आरती से पूजा पूरी होती है। कई परिवार इसके बाद दीये रात भर जलने देते हैं, और पूजा ख़त्म होने पर कोई उन्हें बुझाता नहीं। शुरू करने से पहले पास में तेल और बाती की एक थाली रख लीजिए।

लक्ष्मी पूजा 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लक्ष्मी पूजा 2026 कब है?

दिवाली की रात वाली लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, और नई दिल्ली में मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 तक है। कोजागरी लक्ष्मी पूजा (बंगाल, ओडिशा, असम) रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को है। दक्षिण का वरलक्ष्मी व्रतम् अगली बार शुक्रवार, 13 अगस्त 2027 को है।

लक्ष्मी पूजा में कितने दिन बाकी हैं?

ऊपर का काउंटडाउन दिवाली की रात वाले मुहूर्त, यानी रविवार 8 नवंबर 2026 की शाम 5:54 तक गिनता है। आधी रात तक नहीं, मुहूर्त शुरू होने तक।

लक्ष्मी पूजा का समय और मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली के लिए 8 नवंबर 2026 को शाम 5:54 से 7:50 तक। यह प्रदोष काल का वृषभ (स्थिर लग्न) वाला हिस्सा है, और पूरा प्रदोष काल लगभग 5:31 से 8:09 तक है। प्रदोष काल स्थानीय सूर्यास्त से चलता है, और लग्न इस पर निर्भर है कि शहर नक़्शे पर कहाँ है। मुंबई या कोलकाता में दिल्ली का समय आधा घंटा या ज़्यादा खिसक सकता है, इसलिए इस पेज के कैलकुलेटर में अपना शहर चुनिए।

लक्ष्मी पूजा सूर्यास्त के बाद क्यों होती है?

क्योंकि पूजा प्रदोष काल की है, जो सूर्यास्त से शुरू होता है, और दिवाली अमावस्या पर पड़ती है, महीने की सबसे अंधेरी रात। उसी अंधेरे में दीये जलाना इस पूजा का मूल है। वृषभ लग्न इसलिए चुना जाता है क्योंकि वह स्थिर राशि है, और जो चीज़ टिकनी चाहिए उसके लिए स्थिर राशि ली जाती है।

लक्ष्मी पूजा और कोजागरी लक्ष्मी पूजा में क्या फ़र्क़ है?

दोनों अलग रातों को होती हैं। दिवाली वाली लक्ष्मी पूजा कार्तिक अमावस्या (नया चाँद) पर है, 8 नवंबर 2026 को, और शाम को होती है। कोजागरी आश्विन पूर्णिमा (पूरा चाँद) पर है, 25 अक्टूबर 2026 को, और रात भर का जागरण है। कोलकाता में इसका निशीथ काल 10:56 से 11:46 PM है। नाम "को जागर्ति?" से आया, यानी "कौन जाग रहा है?", क्योंकि माना जाता है कि लक्ष्मी जागने वालों को आशीर्वाद देती हैं।

क्या वरलक्ष्मी व्रतम् और लक्ष्मी पूजा एक ही हैं?

नहीं। वरलक्ष्मी व्रतम् श्रावण के एक शुक्रवार को होता है, अगली बार 13 अगस्त 2027 को, मुख्य रूप से तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में। परंपरा से इसे विवाहित महिलाएँ रखती हैं। दिवाली से इसका कोई संबंध नहीं, और यह जुलाई या अगस्त में आता है, उस साल की दिवाली से कुछ महीने पहले। दोनों में लक्ष्मी की पूजा है, इसलिए सर्च में दोनों गड़बड़ा जाते हैं।