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गुलाब की पंखुड़ियों और दीये के साथ थाली में रखी राखी
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राखी 2027 (रक्षाबंधन): मंगलवार, 17 अगस्त

रक्षाबंधन 2027 मंगलवार, 17 अगस्त को है। राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त दिल्ली में सुबह 5:51 से दोपहर 12:58 बजे तक है, और भद्रा की कोई झंझट नहीं। सात घंटे काफ़ी हैं, पर 12:58 पक्की सीमा है। भाई दोपहर तक सोने वालों में से है, तो अलार्म रात को ही लगा दीजिए।

festcountdown टीम ने दृक गणित पंचांग से जाँचा, आख़िरी बार 17 सितंबर 2026 को।

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मंगलवार, 17 अगस्त 2027 · रक्षाबंधन
राखी 2027 दिल्ली समय

राखी शुभ मुहूर्त

राखी बाँधने का समय, नई दिल्ली के लिए।
5:51 AM–12:58 PM
मंगलवार, 17 अगस्त 2027 · 2027 में भद्रा काल नहीं
  • भद्रा काल
    17 अगस्त को नहीं
    इसका मतलब: भद्रा, जिसमें राखी नहीं बाँधी जाती, 16 अगस्त की रात 11:44 पर ख़त्म हो जाती है। राखी वाले दिन का पूरा समय साफ़ है।
  • समय कब ख़त्म
    ठीक दोपहर 12:58
    इसका मतलब: मुहूर्त पूर्णिमा के साथ ख़त्म होता है। 2027 में पूर्णिमा अपराह्न शुरू होने से पहले ही बीत जाती है, इसलिए दोपहर बाद का कोई विकल्प नहीं।
  • राहु काल
    लगभग 3:42–5:20 PM
    इसका मतलब: भद्रा से अलग एक अशुभ समय। 2027 में यह राखी का समय बंद होने के काफ़ी बाद आता है।
मुहूर्त सूर्योदय से खुलता है, इसलिए दूसरे शहरों में कुछ मिनट आगे-पीछे शुरू होगा। 12:58 का अंत पूरे भारत में एक ही है, क्योंकि उसी पल पूर्णिमा ख़त्म होती है।

मुहूर्त और चौघड़िया कैलकुलेटर

मंगलवार, 17 अगस्त 2027 · रक्षाबंधन · शहर चुनते ही समय बदल जाएगा

सूर्योदय
5:51 AM
सूर्यास्त
7:00 PM
प्रदोष काल
7:00–9:10 PM

राखी सुबह बाँधी जाती है, इसलिए सूर्योदय देखिए। आपके शहर में मुहूर्त सूर्योदय से शुरू होता है। प्रदोष काल शाम का समय है, जो दूसरे त्योहारों में काम आता है।

दिन का चौघड़िया

रात का चौघड़िया

सूर्योदय, सूर्यास्त, प्रदोष काल और चौघड़िया का समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से है। वृषभ काल जैसे लग्न मुहूर्त नई दिल्ली के समय से दिए गए हैं।

राखी 2027 कब है?

राखी 2027 (रक्षाबंधन) मंगलवार, 17 अगस्त को है। पूर्णिमा एक दिन पहले, सोमवार 16 अगस्त को सुबह 10:28 बजे शुरू होती है और 17 को दोपहर 12:58 पर ख़त्म होती है। भद्रा उसी पूर्णिमा के पहले आधे हिस्से में रहती है और 16 की रात 11:44 पर बीत जाती है। इसलिए राखी 17 की सुबह बँधती है, एक दिन पहले नहीं।

राखी और रक्षाबंधन किस बात का त्योहार है

रक्षाबंधन त्योहार का नाम है। राखी उसका रोज़ बोला जाने वाला छोटा नाम है, और उस धागे का नाम भी। यह भाई-बहन के प्यार और एक-दूसरे का ख़याल रखने का त्योहार है।

रक्षाबंधन का मतलब है रक्षा का बंधन। बहन भाई की कलाई पर धागा बाँधती है, और भाई उसका साथ देने का वादा करता है। रोज़ की ज़िंदगी में इस वादे का मतलब ज़्यादातर यही रहा है कि ज़रूरत पड़ने पर भाई पहुँच जाए। समय के साथ यह त्योहार चचेरे भाई-बहनों और क़रीबी दोस्तों तक भी पहुँच गया है।

इस दिन के पीछे कई कथाएँ हैं। सबसे जानी-मानी कथा में इंद्राणी ने देवासुर युद्ध से पहले इंद्र की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधा था। त्योहार के दिन परिवार इकट्ठा होता है और मिठाई बँटती है। राखी सादी हो या सजी हुई, अक्सर हफ़्तों तक कलाई पर बँधी रहती है।

भद्रा काल क्यों मायने रखता है, और 2027 में यह क्यों नहीं है

भद्रा काल पंचांग का एक समय है, जो विष्टि करण से जुड़ा है। इसमें कोई भी ज़रूरी काम शुरू नहीं किया जाता, और राखी बाँधना भी इसी में आता है। यह मान्यता आमतौर पर रावण की कथा से जुड़ी है, जिसकी बहन ने भद्रा में उसे राखी बाँधी थी।

2027 आसान साल है। भद्रा पूर्णिमा के पहले आधे हिस्से में, यानी 16 अगस्त को सुबह 10:28 से रात 11:44 तक है, और 17 के सूर्योदय से काफ़ी पहले ख़त्म हो जाती है। पूरा 5:51 AM–12:58 PM का समय भद्रा से मुक्त है, और राहु काल दोपहर 3:42 से पहले शुरू नहीं होता। 2027 में किसी चीज़ से बचना नहीं है।

हर साल ऐसा आसान नहीं होता। जब भद्रा राखी वाले दिन तक खिंच जाती है, तो समय दोपहर या शाम में चला जाता है। इसलिए हर अगस्त योजना बनाने से पहले समय दोबारा देख लीजिए।

राखी की रस्म

रस्म छोटी है। बहन आमतौर पर आरती से शुरू करती है, फिर भाई के माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाती है, जो दोनों आशीर्वाद के निशान हैं। फिर उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बाँधती है। भाई मिठाई खिलाता है और तोहफ़ा देता है। पहले यह पैसे या गहने होते थे। आजकल अक्सर वही होता है जिसका इशारा बहन जुलाई से कर रही थी।

पूरी रस्म घर पर कुछ मिनट की है। राखी डाक से दूसरे शहर भेज रहे हैं, तो कम से कम दस दिन पहले भेजिए। आख़िरी हफ़्ते में कूरियर बहुत व्यस्त हो जाते हैं।

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ व राखी के संदेश

शुभ रक्षाबंधन की तस्वीर, एक धागा, एक वादा

किसी भी कार्ड पर टैप कीजिए। वह कॉपी हो जाएगा, फिर मैसेज, स्टेटस या कार्ड में चिपका दीजिए।

रक्षाबंधन की शुभकामना कैसे दें

"रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ" थोड़ा औपचारिक और गर्मजोशी भरा है, जो सहकर्मियों और बड़ों के लिए ठीक है। "शुभ राखी" या "हैप्पी राखी" रोज़ का छोटा रूप है। "राखी" धागे का नाम भी है और त्योहार का भी।

शुभकामना भेजने के लिए सगे भाई-बहन होना ज़रूरी नहीं। कज़िन, क़रीबी दोस्त और बहनें आपस में भी राखी बाँधती और संदेश भेजती हैं।

सुबह भेजिए। 2027 में राखी सुबह 5:51 से दोपहर 12:58 के बीच बँधेगी, और रस्म के बीच पहुँचा संदेश रात 9 बजे पहुँचे संदेश से बिल्कुल अलग लगता है।

रक्षाबंधन 2027, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राखी 2027 कब है? रक्षाबंधन 2027 कब है?

राखी (रक्षाबंधन) 2027 मंगलवार, 17 अगस्त को, श्रावण पूर्णिमा पर है। नई दिल्ली में राखी सुबह 5:51 से दोपहर 12:58 के बीच बाँधिए। पूर्णिमा सोमवार, 16 अगस्त को सुबह 10:28 से शुरू होती है, पर उस दिन रात 11:44 तक भद्रा रहती है, इसलिए राखी 17 को बँधती है।

रक्षाबंधन 2027 में कितने दिन बाकी हैं?

ऊपर का काउंटडाउन मंगलवार, 17 अगस्त 2027 की सुबह 5:51 तक गिनता है, जब मुहूर्त शुरू होता है। यानी उस पल तक, जब आप राखी बाँध सकते हैं।

राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त 2027 में क्या है?

नई दिल्ली के लिए 17 अगस्त 2027 को सुबह 5:51 से दोपहर 12:58 तक, सात घंटे से थोड़ा ज़्यादा। यह सूर्योदय से खुलता है और पूर्णिमा ख़त्म होने पर बंद होता है। इसमें भद्रा नहीं है, और राहु काल (लगभग 3:42 से 5:20) इसके बाद आता है। 12:58 पक्की सीमा है, और दोपहर बाद का कोई विकल्प नहीं है।

क्या रक्षाबंधन 2027 पर भद्रा काल है?

नहीं। भद्रा पूर्णिमा के पहले आधे हिस्से में रहती है, जो 2027 में सोमवार, 16 अगस्त को सुबह 10:28 से रात 11:44 तक है। मंगलवार, 17 अगस्त के सूर्योदय से पहले यह ख़त्म हो जाती है, इसलिए 5:51 से 12:58 का पूरा समय भद्रा से मुक्त है।

क्या रक्षाबंधन 2027 पर चंद्र ग्रहण है?

हाँ, पर भारत में दिखेगा नहीं। 17 अगस्त 2027 को उपछाया चंद्र ग्रहण भारतीय समय से लगभग सुबह 10:54 से दोपहर 2:33 तक है, जब यहाँ चाँद क्षितिज के नीचे होता है। DrikPanchang राखी का समय 5:51 से 12:58 ही बताता है।

भद्रा काल में राखी क्यों नहीं बाँधनी चाहिए?

भद्रा पंचांग का एक समय है, जो विष्टि करण से जुड़ा है। इसमें कोई शुभ काम शुरू नहीं किया जाता, और राखी बाँधना भी इसी में आता है। यह मान्यता आमतौर पर रावण की कथा से जोड़ी जाती है, जिसकी बहन ने भद्रा में उसे राखी बाँधी थी। कथा इसे उसके अंत से जोड़ती है। परिवार सीधा नियम मानते हैं: भद्रा में राखी नहीं।

राखी और रक्षाबंधन में क्या अंतर है?

कोई अंतर नहीं। रक्षाबंधन त्योहार का पूरा नाम है, यानी रक्षा का बंधन। राखी रोज़ बोलचाल का छोटा नाम है, और उस धागे का नाम भी। लोग दोनों बोलते हैं, इसलिए हम भी।